इस लेख में हम यूज़र इंटरफेस (UI) डिजाइनिंग के उस पक्ष पर चर्चा करेंगे, जो अक्सर अनदेखा किया जाता है - असफलता। असफलता को केवल एक नकारात्मक अनुभव नहीं माना जाना चाहिए; इसके पीछे गहरे चेहरे और पाठ होते हैं जो डिजाइनरों को यूज़र्स की पसंद और नापसंद को समझने में मदद करते हैं।
यूज़र इंटरफेस डिजाइन में असफलता का अनुभव अक्सर सबसे महत्त्वपूर्ण शिक्षण अवसर प्रदान करता है। जब डिज़ाइन यूज़र्स की आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहता है, तो यह हमें उनके उपयोग के तरीके और प्रवृत्तियों को समझने का एक मौका देता है। वास्तव में, एक अध्ययन में पाया गया कि 70% डिज़ाइन असफलताओं को उपयोगकर्ताओं के फीडबैक के माध्यम से उलटाया जा सकता है।
– UX Collective
हम सबने ऐसे ऐप्स या वेबसाइट्स का अनुभव किया है जो एक बार उपयोग करने के बाद खुद ब खुद हमारी लाइफ से गायब हो जाते हैं। जैसे फेसबुक पर अनुभव किया गया FOMO (फियर ऑफ मिसिंग आउट) और फिर धीरे-धीरे अपने दोस्तों की पोस्ट्स को अपनी टाइमलाइन से खिसकाना। यह डिज़ाइन की असफलता का एक इंडिकेटर है।
क्या आप जानते हैं कि हर वर्ष लगभग 300,000 ऐप्स ऐप स्टोर से हटा दिए जाते हैं? (Statista) इसका एक बड़ा कारण यह है कि इन ऐप्स में यूज़र्स के लिए कोई विशेष मूल्य नहीं होता। यदि यूज़र किसी ऐप को नहीं देखता या भूल जाता है, तो इसका मतलब है कि उस ऐप का डिज़ाइन उसे याद रखने में असफल रहा।
किसी समय की बात है, जब एक स्टार्टअप ने एक मनोरंजक ऐप लॉन्च किया। ऐप ने यूज़र्स को मनोरंजन दिया लेकिन कुछ समय बाद यूज़र्स ने इसे पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया। मुद्दा यह था कि वह ऐप अपडेट्स के साथ बदलाव नहीं लाता था, जिससे यूज़र्स दोनों उब चुके थे और भूल गए थे।
- जैसा कि डिज़ाइन थिंकिंग में कहा जाता है, "बातचीत से समझना" एक सकारात्मक अनुभव बनाता है और लंबे समय में यूज़ ग्राहकों को प्रेरित कर सकता है।
असफलता को एक साधना के रूप में देखें। जब एक डिज़ाइन कुछ भी गलत करता है, तो यह हमें उनके अनुभवों से सीखने का अवसर देता है। क्या आप जानते हैं कि एक सफल उत्पाद की पूरी यात्रा में 20% समय असफलता में बिताया जाता है?
यूज़र फीडबैक एक ऐसा संपत्ति है, जिसे डिज़ाइनर्स को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए। उदाहरण के लिए, Google ने अपने UI में 273 बदलाव किए और उसे उपयोगकर्ताओं की प्रतिक्रियाएँ प्राप्त करने के बाद जल्दी से अपनाया। इसने उन्हें यूजर्स का ध्यान खींचने और उनके ध्यान को बनाए रखने में मदद की।
जब हम असफलता पर विचार करते हैं, तो कई बार इसे एक नैतिक विफलता समझा जाता है। लेकिन हमें इस दृष्टिकोण को बदलने की ज़रूरत है। असफलताएँ केवल एक कदम हैं जो हमें अंततः सफल होने के लिए तैयार करती हैं, चाहे वह डिजाइनिंग में हो या जीवन में।
क्या वह ऐप जिसमें ऐसी विशेषताएँ हैं जो किसी विशेष आयु वर्ग को पसंद आती हैं, सभी को प्रभावित कर सकती हैं? क्या युवा पीढ़ी का एक अनुपात अपने माता-पिता से बिल्कुल अलग है? यह यूज़र के पसंद और नापसंद का मुद्दा है, जिसे समझना डिज़ाइन की जिम्मेदारी होती है। एक स्टडी में पाया गया कि 89% युवा ऐप्स की उपयोगिता और इंटरफेस की सादगी को प्राथमिकता देते हैं।
– Forbes
डिज़ाइनर्स को कभी-कभी उस असफलता को देखने की आवश्यकता होती है जो उन्होंने नहीं मानी या नहीं देखी। उदाहरण के लिए, कुछ ऐप सेवा का उपयोग करने में कठिनाई महसूस करते हैं जैसे उन मैप ऐप्स में जो कई सवाल पैदा करते हैं, "क्या आप इसे फिर से खोलना चाहते हैं?"—यूज़र द्वारा किए गए प्रयास का प्रभाव।
आइए इस बात को एक उदाहरण के माध्यम से देखें: Netflix, जब वह अपने यूज़र्स के लिए व्यक्तिगत सिफारिशें प्रदान करने लगा, तो इसने अपने यूज़र्स के लिए Netflix को भूल पाना कठिन बना दिया। आपने शायद एक बार देखा है कि किन फिल्मों को यूजर ने पसंद किया है और फिर उसी शो या मूवी को देखना जारी रखा। ऐसे छोटे-छोटे उपाय वास्तव में शक्तिशाली होते हैं।
यूज़र के अनुभव को एक धोखा ही समझा जा सकता है। आप डिज़ाइनर्स के रूप में इसे अपने व्यवसाय का एक सामान्य हिस्सा मान सकते हैं। आप यूज़र के मन की स्थिति को पहचान सकते हैं, और यह समझ सकते हैं कि लोग क्या पसंद करते हैं। यह प्रणाली असफल होती है जब यूज़र इसे खुद को नॉर्मल मानने लगते हैं और उसे भूला देते हैं।
यूज़र इंटरफेस का सबसे बड़ा गुण इसके अंतःक्रियात्मकता है। यदि इंटरफेस सामान्य समस्याओं की ओर इशारा नहीं करता है, तो यह संभवतः यूज़र को भूलने का एक प्रमुख कारण बन सकता है। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि यूज़र संलग्न रह सके और इंटरफेस उनकी आवश्यकताओं का स्वाभाविक रूप से उत्तर दे सके।
– डिज़ाइन थिंकिंग में यह कहा जाता है कि "समय के साथ परिवर्तन आवश्यक है।"
असफलता डिजाइन प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा है। इसे पहचानना और उपयोग करना हमें बेहतर यूज़र इंटरफेस और अनुभव के निर्माण में मदद करता है। यदि हम इसे सकारात्मक रूप से अपनाएँ, तो यह हमें दूर दृष्टि देने और सचाई की ओर उन्मुख करेगा।